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जनगणना-2027 में OBC की पृथक एवं प्रमाणिक गणना की मांग

ओबीसी महासभा जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया को कलेक्टर महोदय दुर्ग के माध्यम भेजा ज्ञापन, प्रश्नावली में स्पष्ट पहचान और वैज्ञानिक कोडिंग व्यवस्था की मांग

दुर्ग। जनगणना-2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की पृथक, स्पष्ट, वैज्ञानिक एवं प्रमाणिक गणना सुनिश्चित करने की मांग को लेकर ओबीसी महासभा, जिला दुर्ग के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन प्रेषित किया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में जाति संबंधी जानकारी संकलित किए जाने के संदर्भ में OBC की जनसंख्या का विश्वसनीय एवं प्रमाणिक आंकड़ा उपलब्ध कराने के लिए प्रश्नावली, डिजिटल डाटा-संकलन तथा कोडिंग व्यवस्था में OBC की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

भानु प्रताप यादव ने कहा कि भारत की सामाजिक संरचना विविधतापूर्ण है और अन्य पिछड़ा वर्ग इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में केवल जाति संबंधी जानकारी दर्ज करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि वैज्ञानिक, पारदर्शी एवं एकरूप डाटा-संकलन और वर्गीकरण व्यवस्था आवश्यक है, ताकि विभिन्न जातियों के नाम, उपनाम एवं समानार्थी नामों के कारण गलत वर्गीकरण की स्थिति उत्पन्न न हो।

ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें
जनगणना-2027 में OBC की पृथक एवं स्पष्ट पहचान के साथ प्रमाणिक आंकड़े संकलित किए जाएं।
प्रश्नावली एवं डिजिटल डाटा-संकलन प्रणाली में OBC के लिए स्पष्ट एवं एकरूप कोडिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जाति प्रविष्टियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक, पारदर्शी एवं एकरूप वर्गीकरण लागू किया जाए।

गणना कर्मियों एवं पर्यवेक्षकों को जाति एवं OBC संबंधी प्रविष्टियों के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण एवं स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं।
डिजिटल डाटा में सत्यापन, डुप्लीकेशन की जांच, गलत वर्गीकरण की पहचान एवं त्रुटि-सुधार की प्रभावी व्यवस्था की जाए।
जनगणना के अंतिम परिणामों में OBC से संबंधित प्रमाणिक एवं समेकित आंकड़े लागू कानून एवं नियमों के अनुरूप उपलब्ध कराए जाएं।

इन आंकड़ों का उपयोग सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं सहित तथ्याधारित नीति निर्माण एवं समीक्षा में किया जा सके। OBC संगठनों, नागरिक प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों एवं अन्य हितधारकों से आवश्यक विचार-विमर्श किया जाए।

राष्ट्रपति से विशेष अनुरोध
ज्ञापन में राष्ट्रपति महोदया से अनुरोध किया गया है कि विषय के व्यापक राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए इसे गृह मंत्रालय, भारत सरकार तथा रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त, भारत सरकार को आवश्यक विचार एवं उचित कार्रवाई के लिए प्रेषित करने की कृपा की जाए।

ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया है कि संबंधित अधिकारियों के माध्यम से जनगणना-2027 में OBC की पहचान, वर्गीकरण एवं आंकड़ा-संकलन की प्रक्रिया को स्पष्ट, वैज्ञानिक, पारदर्शी, एकरूप एवं प्रमाणिक बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
भानु प्रताप यादव ने कहा कि जनगणना देश की सामाजिक एवं जनसांख्यिकीय वास्तविकताओं का आधिकारिक दस्तावेज तैयार करने की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है। OBC की जनसंख्या से संबंधित विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध होने से सामाजिक न्याय तथा सार्वजनिक नीतियों के निर्माण के लिए तथ्याधारित आधार मजबूत हो सकेगा।

भवदीय
भानु प्रताप यादव
जिलाध्यक्ष, ओबीसी महासभा
जिला – दुर्ग, छत्तीसगढ़

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